कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा से जुड़े पासपोर्ट विवाद में नया मोड़ आ गया है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि खेड़ा द्वारा पेश किए गए सभी पासपोर्ट दस्तावेज फर्जी हैं।
सूत्रों के अनुसार, खेड़ा ने जिन तीन पासपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाए थे, वे पूरी तरह से धोखाधड़ी वाले पाए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि रिनिकी भुइयां सरमा किसी अन्य देश की नागरिक नहीं हैं। इससे पहले खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियां हैं, जिनका खुलासा चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।
सरमा परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें झूठा और मनगढ़ंत बताया। आरोपों के बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत उन पर चुनाव से संबंधित गलत जानकारी देने और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
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इस बीच कानूनी मोर्चे पर भी खेड़ा को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ट्रांजिट जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया और उन्हें मामले के निपटारे के लिए असम की अदालत जाने को कहा। इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट से उन्हें राहत मिली थी, लेकिन असम सरकार की अपील पर शीर्ष अदालत ने उस आदेश पर रोक लगा दी।
अब इस पूरे मामले की सुनवाई असम की अदालत में होगी, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी कि सच्चाई क्या है।
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