प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “परजीवी राजनीतिक ताकत” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सहयोगियों के सहारे राजनीति करती है और मौका मिलते ही उन्हें धोखा दे देती है। कर्नाटक में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 45वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने तमिलनाडु की राजनीति का उदाहरण दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) के साथ गठबंधन कर सत्ता का लाभ उठाया, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियां बदलते ही उसी सहयोगी दल को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले केंद्र में कांग्रेस की सरकार डीएमके के समर्थन से लंबे समय तक चलती रही, लेकिन सत्ता की लालसा में कांग्रेस ने डीएमके की “पीठ में छुरा घोंप दिया।”
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस अब भी किसी नए सहयोगी की तलाश में है ताकि वह उसकी पीठ पर सवार होकर राजनीतिक अस्तित्व बनाए रख सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा क्षेत्रीय दलों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करती है।
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कर्नाटक सरकार पर भी हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार जनता की समस्याएं सुलझाने के बजाय आंतरिक कलह में उलझी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जारी सत्ता संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अब तक तय नहीं कर पाई है कि मुख्यमंत्री कितने समय तक पद पर रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देशभर में भाजपा का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और बेंगलुरु से “भगवा सूरज” उग रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सुशासन देने में विफल रही है और जनता अब बदलाव चाहती है।
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