प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंडोनेशिया दौरा बेहद खास और ऐतिहासिक रहा, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सोमवार (6-07-2026) को जैसे ही प्रधानमंत्री का विमान इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, इंडोनेशिया वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को औपचारिक रूप से एस्कॉर्ट किया। यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
इसके बाद जकार्ता एयरपोर्ट पर एक और विशेष दृश्य देखने को मिला, जहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल तोड़कर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच हुई यह भेंट बेहद सौहार्दपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जकार्ता पहुंचकर उन्हें राष्ट्रपति प्रबोवो के स्नेहपूर्ण व्यवहार से गहरा सम्मान महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि 2018 में दोनों देशों के संबंधों को कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया था, जिससे दोनों देशों को काफी लाभ हुआ है। इस यात्रा के दौरान साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
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पीएम मोदी ने यह भी बताया कि वे राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रसिद्ध प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे। यह 9वीं शताब्दी का प्राचीन हिंदू मंदिर है, जो भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब 2,500 करोड़ रुपये की ब्रह्मोस मिसाइल डील पर भी सहमति बनने की संभावना है, जो रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई दे सकती है।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया भले ही दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है, लेकिन वहां हिंदू-बौद्ध संस्कृति की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। रामलीला मंचन से लेकर भगवान गणेश की तस्वीर वाली मुद्रा तक, यह सांस्कृतिक विविधता का अनूठा उदाहरण है।
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