पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का विस्तार तेजी से बढ़ रहा है। पिछले दो महीनों में राज्य में करीब 30,500 नए लोगों ने संघ की सदस्यता ली है। संगठन के आंकड़ों के अनुसार मई और जून महीने में ही यह बड़ी संख्या में नए स्वयंसेवक जुड़े हैं।
राज्य में पहले भी लोग संघ से जुड़ते थे, लेकिन अब यह संख्या पहले से कई गुना बढ़ गई है। संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पहले जब राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार थी, तब लोग सीमित संख्या में ही जुड़ते थे, लेकिन अब लोग खुलकर संघ के साथ जुड़ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में संघ का विस्तार शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक हो रहा है। संगठन ने राज्य को तीन भागों में बांटा है—दक्षिण बंगाल, मध्य बंगाल और उत्तर बंगाल। दक्षिण बंगाल का मुख्यालय कोलकाता, मध्य बंगाल का वर्धमान और उत्तर बंगाल का सिलीगुड़ी है।
और पढ़ें: हल्दीघाटी को लेकर मोहन भागवत का बयान, बोले– पीछे हटे मुगल, इसलिए महाराणा प्रताप की जीत हुई
आंकड़ों के अनुसार 2013 में राज्य में केवल लगभग 800 शाखाएं थीं, जो 2021 में बढ़कर 3000 के करीब पहुंचीं। 2024 में यह संख्या लगभग 4550 थी, जो अब बढ़कर 5500 से अधिक हो चुकी है।
महीनों के हिसाब से सदस्यता इस प्रकार रही—
जनवरी: 563
फरवरी: 332
मार्च: 697
अप्रैल: 1339
मई: 22171
जून: 8479
इससे साफ है कि मई और जून में बड़ी संख्या में लोग संघ से जुड़े हैं। इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखी जा रही है।
केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश में भी संघ की शाखाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2025 में जहां 51,740 स्थानों पर शाखाएं लगती थीं, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 55,683 हो गई है। इसी तरह अन्य गतिविधियों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
और पढ़ें: केरल में आरएसएस कार्यक्रम में कुलपतियों की मौजूदगी पर विवाद, मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा- सांप्रदायिक कृत्य; भाजपा का पलटवार