प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी पार्टी नेताओं को पत्र लिखकर महिला आरक्षण कानून, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा जाता है, के क्रियान्वयन के लिए समर्थन मांगा है। इस पत्र में उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट सत्र को बढ़ा दिया है और 16 से 18 अप्रैल तक इस कानून से संबंधित प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि अब समय आ गया है जब इस कानून को पूरी तरह से लागू किया जाए ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण कानून के तहत संपन्न हो सके। उन्होंने इसे भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों में नई ऊर्जा का संचार करने और जनता का विश्वास मजबूत करने के रूप में देखा।
पीएम मोदी ने इस पत्र में कहा कि यह कदम किसी भी पार्टी की राजनीति से ऊपर है और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए है। उन्होंने संसद के दोनों सदनों के सांसदों से इस प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की इच्छा जताई है, और अब यह समय है जब इसे वास्तविकता में बदला जाए।
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बीजेपी ने अपने सांसदों को 16 से 18 अप्रैल तक संसद में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2023) सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ था।
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