पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओके) में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान चलाते हुए 600 से अधिक नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज़ मीर की गिरफ्तारी के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
JAAC ने बयान जारी कर कहा कि उसके कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया है। संगठन ने #ReleaseShoukatNawazMir अभियान शुरू करते हुए शौकत नवाज़ मीर की तत्काल रिहाई की मांग की और लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
इस बीच, JAAC के प्रमुख सदस्य सरदार अमन खान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि पीओके के कई इलाकों में लोगों को खाद्य सामग्री और दवाइयों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मेंढर, पुंछ, राजौरी और डोडा के लोगों से सहायता की अपील की।
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सरदार अमन खान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के दूसरी ओर रहने वाले लोगों से भी समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन लगातार दमन के बावजूद पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अधिकारी बल प्रयोग के जरिए लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
एक अन्य वीडियो में उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि क्या उन्हें संघर्षविराम रेखा की ओर बढ़ना चाहिए, जिस पर भीड़ ने जोरदार समर्थन जताया। उन्होंने पत्रकारों और बुद्धिजीवियों से भी जनता की आवाज को सामने लाने की अपील की।
हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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