भारत के युवा शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे शतरंज 2026 टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। 20 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने विश्व के पांच बार के चैंपियन मैग्नस कार्लसन को एक ही टूर्नामेंट में दूसरी बार हराकर महान भारतीय शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के 19 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
प्रज्ञानानंदा ने इससे पहले सफेद मोहरों से खेलते हुए कार्लसन को हराया था और अब काले मोहरों से भी उन्हें मात देकर अपनी उपलब्धि को और खास बना दिया। इसके साथ ही वह विश्वनाथन आनंद के बाद ऐसे दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने किसी एक टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया है।
इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा वर्ष 2026 में क्लासिकल शतरंज मुकाबलों में कार्लसन को दो बार हराने वाले एकमात्र खिलाड़ी भी बन गए हैं। दूसरी ओर, कार्लसन के लिए अपने खिताब की रक्षा करना मुश्किल होता दिख रहा है। इस टूर्नामेंट में वह अब तक चार क्लासिकल मुकाबले हार चुके हैं, जिनमें दो हार प्रज्ञानानंदा के खिलाफ आई हैं।
और पढ़ें: नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को हराया
नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की दौड़ में प्रज्ञानानंदा अब मजबूती से बने हुए हैं। यदि वह यह टूर्नामेंट जीतते हैं तो नॉर्वे शतरंज का प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। आठ राउंड के बाद उनके 12 अंक हैं और वह तीसरे स्थान पर हैं। अमेरिका के ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि फ्रांस के अलीरेज़ा फिरोज़जा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
वहीं, मौजूदा विश्व चैंपियन भारत के डी. गुकेश की खिताबी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। फिरोज़जा के खिलाफ हार के बाद गुकेश केवल 8 अंकों के साथ छठे स्थान पर हैं। उनकी खिताब जीतने की संभावना अब लगभग समाप्त मानी जा रही है।
प्रज्ञानानंदा की यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए एक और ऐतिहासिक क्षण मानी जा रही है और उन्होंने एक बार फिर विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है।
और पढ़ें: नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट: कार्लसन से हारकर सबसे नीचे पहुंचे गुकेश, प्रज्ञानानंदा दूसरे स्थान पर कायम