अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तत्काल बातचीत की संभावना को खारिज करते हुए कहा है कि जब तक तेहरान गंभीर और सार्थक वार्ता के लिए तैयार नहीं होता, तब तक वॉशिंगटन की किसी बैठक में कोई रुचि नहीं है। व्हाइट हाउस में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के साथ मुलाकात के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी अधिकारी बैक-चैनल के माध्यम से अमेरिका से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका बातचीत नहीं करेगा।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कहा, "वे हमसे मिलने के लिए बेताब हैं, लेकिन जब तक वे सार्थक तरीके से बातचीत के लिए तैयार नहीं होते, तब तक हमें उनसे मिलने में कोई दिलचस्पी नहीं है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि पर्दे के पीछे ईरानी अधिकारियों ने संघर्ष समाप्त करने के लिए बातचीत की इच्छा जताई है क्योंकि उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के साथ उनका संवाद लगातार बढ़ रहा है। राष्ट्रीय उद्योग एवं खनन दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि सरकार के सभी कदम सर्वोच्च नेता के निर्देशों के अनुरूप उठाए जा रहे हैं और देश उनकी अगुवाई में मजबूती से आगे बढ़ेगा।
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इधर, अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।
इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कांग्रेस को बताया कि ईरान के साथ जारी युद्ध पर अब तक अमेरिका का लगभग 37.5 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च हो चुका है। उन्होंने रक्षा विभाग के लिए अतिरिक्त 67 अरब डॉलर की धनराशि की मांग को आवश्यक बताते हुए कहा कि इसके बिना सेना को गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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