कर्नाटक की राजनीति में कथित 39,000 करोड़ रुपये के अपशिष्ट प्रबंधन घोटाले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राज्य के मंत्री प्रियंक खड़गे ने भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राज्यपाल के पास जाना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
प्रियंक खड़गे ने कहा कि यदि भाजपा के पास किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या घोटाले के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “राज्यपाल के घर जाना कोई उपाय या समाधान नहीं है। आपके पास जो भी सबूत हैं, उन्हें जनता के सामने पेश कीजिए। हमें बेनकाब कीजिए।”
दरअसल, भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर राज्य में कचरा एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगभग 39,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए जांच कराने की बात कही थी।
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इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक खड़गे ने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से ऐसे आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को छिपाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और यदि विपक्ष के पास कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल आरोप लगाने से कोई मामला साबित नहीं हो जाता और राजनीतिक बयानबाजी से सच्चाई नहीं बदलती।
कर्नाटक में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा लगातार सरकार पर दबाव बना रही है, जबकि कांग्रेस इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक प्रेरित बता रही है। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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