जैसे-जैसे पुणे मेट्रो लाइन-3 वाणिज्यिक संचालन के करीब पहुंच रही है, शहर एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। इस लाइन पर आधुनिक 750 वोल्ट डीसी थर्ड-रेल इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे पुणे उन चुनिंदा भारतीय शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां यह उन्नत तकनीक अपनाई गई है।
यह थर्ड-रेल सिस्टम पारंपरिक ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर सिस्टम से अलग होता है और इसमें बिजली की आपूर्ति जमीन के पास स्थापित तीसरी रेल के माध्यम से की जाती है। यह तकनीक न केवल अधिक सुरक्षित मानी जाती है, बल्कि शहर के शहरी सौंदर्य और बुनियादी ढांचे पर भी कम प्रभाव डालती है।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली के लागू होने से मेट्रो संचालन अधिक सुचारू और कुशल होगा। इससे ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा और रखरखाव की लागत भी कम होने की उम्मीद है। साथ ही, यह तकनीक उच्च घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होती है।
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पुणे मेट्रो लाइन-3 शहर के यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना आईटी हब, आवासीय क्षेत्रों और व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ने का काम करेगी, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुणे का सार्वजनिक परिवहन सिस्टम और अधिक विश्वस्तरीय बनेगा। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी।
मेट्रो परियोजना के पूरा होने के बाद पुणे का शहरी परिवहन ढांचा एक नए और आधुनिक चरण में प्रवेश करेगा, जो भविष्य की स्मार्ट सिटी योजनाओं के अनुरूप होगा।
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