ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर कई अहम सवाल उठ रहे हैं, खासकर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की उपस्थिति को लेकर। यह अंतिम संस्कार 4 जुलाई से छह दिनों तक चलेगा, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मोजतबा इसमें शामिल होंगे या नहीं।
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि संघर्ष के दौरान हुए हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसमें उनके परिवार के कुछ सदस्यों के हताहत होने की भी अपुष्ट रिपोर्टें सामने आई थीं। हालांकि ईरानी सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
इस बीच, मोजतबा की अनुपस्थिति ने ईरान की राजनीति में अटकलों को और तेज कर दिया है। अगर वे अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं तो इसे उनके राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने वाला कदम माना जाएगा, जबकि उनकी गैरमौजूदगी से उनके स्वास्थ्य और स्थिति पर सवाल और गहरे हो सकते हैं।
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इस मुद्दे पर ईरानी अधिकारियों ने भी स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा है कि यह निर्णय सर्वोच्च नेता के कार्यालय का विषय है। अंतिम संस्कार आयोजन समिति के प्रमुख अली अकबर पौरजमशिदिया ने कहा कि इस पर निर्णय उन्हीं के दायरे में आता है।
इसी बीच ईरान ने अमेरिका और इज़राइल को चेतावनी दी है कि वे अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचें। ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दोल्लाही ने कहा कि किसी भी आक्रामकता का “कड़ा जवाब” दिया जाएगा।
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तेहरान से शुरू होकर मशहद तक जाएगी और क़ुम में भी कार्यक्रम होंगे। सरकार ने जनता से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है और इसे ऐतिहासिक अवसर बताया है।
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