महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड तालुका में राष्ट्रीय जनगणना 2027 की ड्यूटी से कथित रूप से इनकार करने पर तीन शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सरकारी आदेशों की अवहेलना और राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सहयोग न करने के आरोपों के आधार पर की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित तीनों शिक्षकों को गालंदवाड़ी क्षेत्र में राष्ट्रीय जनगणना 2027 के लिए गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) के रूप में नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति विधिवत आदेश जारी कर की गई थी और उन्हें निर्धारित समय पर अपनी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए गए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिक्षकों ने जानबूझकर और बिना वैध कारण के इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्य को करने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है, जिसके आंकड़ों का उपयोग नीति निर्माण, संसाधनों के वितरण और विकास योजनाओं को तैयार करने में किया जाता है। ऐसे में ड्यूटी से इनकार करना गंभीर मामला माना गया है।
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स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि ड्यूटी से इनकार करने के पीछे क्या कारण थे।
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्यों में नियुक्त कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या आदेशों की अवहेलना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 की तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं और सभी नियुक्त कर्मियों से जिम्मेदारीपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपेक्षा की जाती है।
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