उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में एक धर्मशाला के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है कि यह धर्मशाला अपने उद्देश्य को पूरा करेगी और समाज के लोगों के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाएं श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत का काम करती हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय कलौटा समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस समुदाय ने हमेशा अपने परिश्रम, साहस और नैतिक मूल्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुसार, ऐसे समुदाय समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार लगातार सामाजिक और धार्मिक संरचनाओं के विकास के लिए कार्य कर रही है, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि धर्मशालाएं केवल ठहरने का स्थान नहीं होतीं, बल्कि यह सेवा, सहयोग और सामाजिक एकता का प्रतीक भी होती हैं।
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उन्होंने कहा कि हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में धर्मशाला जैसी सुविधाएं यात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इस पहल के लिए आयोजकों की सराहना भी की।
कार्यक्रम में कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस धर्मशाला के निर्माण को समाजहित में एक सकारात्मक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह धर्मशाला भविष्य में यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगी और सामाजिक सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
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