प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के निकट मंगलवार को कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस जब उन्हें वहां से हटाने लगी तो राहुल गांधी जमीन पर बैठ गए और विरोध जताते रहे।
कांग्रेस ने यह धरना-प्रदर्शन कथित तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया था। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इसी दौरान राहुल गांधी धरनास्थल पर बैठ गए और पुलिस द्वारा हटाए जाने का विरोध किया। पुलिसकर्मी उन्हें वहां से उठाकर ले जाने का प्रयास करते रहे। बाद में उन्हें अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ एक पुलिस बस में बैठाकर हिरासत में ले जाया गया।
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कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने के लिए सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनका विरोध लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से विशेष प्रबंध किए गए थे और निषेधाज्ञा लागू होने के कारण प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
इस घटनाक्रम के बाद राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर लगातार जारी है।
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