कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए एनईईटी (NEET) पेपर लीक मामले और एक छात्रा की मौत को देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा प्रणाली को बर्बाद कर दिया गया है, जिसका खामियाजा छात्रों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि आकांक्षा नाम की छात्रा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। उन्होंने बताया कि आकांक्षा के पिता एक किसान हैं और अपनी बेटी के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज लिया था। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए एक नौकरी भी शुरू की थी।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कड़ी मेहनत और आर्थिक संघर्ष के बावजूद जब छात्रों को पेपर लीक और अनियमितताओं का सामना करना पड़ता है, तो यह पूरी व्यवस्था की असफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल छात्रों के सपनों को तोड़ती हैं बल्कि पूरे समाज के विश्वास को भी कमजोर करती हैं।
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उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की भारी कमी है। राहुल गांधी के अनुसार, जब तक परीक्षा प्रणाली को मजबूत और निष्पक्ष नहीं बनाया जाएगा, तब तक ऐसे मामले लगातार सामने आते रहेंगे।
इस मुद्दे ने एक बार फिर देशभर में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और छात्रों के मानसिक दबाव को लेकर बहस छेड़ दी है। कई छात्र संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सरकार की ओर से अभी इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला राजनीतिक रूप से गर्माता जा रहा है।
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