राजस्थान सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले दिए गए आदेश में संशोधन करते हुए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को मिली राहत वापस ले ली है। अब यह राहत केवल एक अभ्यर्थी सूरज मल मीणा तक सीमित कर दी गई है, जिससे हजारों उम्मीदवारों को झटका लगा है।
दरअसल, पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में लगभग 2.21 लाख अभ्यर्थियों को अस्थायी रूप से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी। यह आदेश सूरज मल मीणा की याचिका पर दिया गया था, जिसमें उन्होंने 5 और 6 अप्रैल को निर्धारित परीक्षा में शामिल न हो पाने के कारण कम से कम चार सप्ताह के लिए परीक्षा टालने की मांग की थी।
शुक्रवार को न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की विशेष पीठ ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की अपील पर सुनवाई की। आयोग ने इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद कोर्ट ने अपना आदेश बदलते हुए कहा कि राहत केवल याचिकाकर्ता को ही दी जाएगी।
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अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सूरज मल मीणा के अलावा अन्य किसी अभ्यर्थी ने व्यक्तिगत रूप से राहत के लिए याचिका नहीं दी थी। हालांकि, अन्य अभ्यर्थियों को यह छूट दी गई है कि वे राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
यह परीक्षा 5 और 6 अप्रैल 2026 को आयोजित होगी। अभ्यर्थी अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं, जिसके लिए आवेदन संख्या और जन्म तिथि आवश्यक है।
परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड और वैध फोटो पहचान पत्र जैसे पैन कार्ड या वोटर आईडी लाना अनिवार्य है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
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