रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से मुलाकात की। यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के इतर आयोजित की गई।
इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और भारत-चीन के बीच सैन्य संचार तंत्र को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच संवाद को बढ़ावा देना और सीमा पर तनाव कम करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना था।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुई घातक झड़पों के बाद से बिगड़े रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। उस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था।
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हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया फिर से शुरू करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में यह उच्च स्तरीय बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवाद दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली में मदद कर सकते हैं और सीमा पर शांति बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम साबित हो सकते हैं।
एससीओ मंच के माध्यम से भारत और चीन दोनों ही क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को लेकर साझा समझ विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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