अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईरान को वाशिंगटन और तेहरान के बीच संभावित शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बदले वित्तीय सहायता या नकद राशि दी जाएगी। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया।
जे.डी. वेंस ने कहा कि ईरान को किसी भी तरह की नकद राशि या आर्थिक फंड सिर्फ समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की नीति किसी भी देश को बिना ठोस शर्तों और पारदर्शी समझौते के वित्तीय लाभ देने की नहीं है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर संभावित वार्ता की चर्चाएं तेज हो रही हैं। रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि शांति समझौते के तहत ईरान को आर्थिक प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं, जिसे अमेरिकी प्रशासन ने सख्ती से खारिज कर दिया।
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उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका केवल उन्हीं समझौतों को आगे बढ़ाएगा जो सुरक्षा, पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप हों। उन्होंने यह भी कहा कि गलत सूचनाएं अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए तथ्यों पर आधारित जानकारी ही स्वीकार की जानी चाहिए।
इस मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन की स्थिति यह है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक रियायत तभी संभव है जब ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों और क्षेत्रीय नीतियों को लेकर ठोस प्रतिबद्धता दिखाए।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान अमेरिका की सख्त कूटनीतिक नीति को दर्शाता है, जिसमें बिना शर्त किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता देने से परहेज किया जाता है।
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