अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की इस वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा धन का इस्तेमाल कहां किया गया।
यह कार्रवाई मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने के एक दिन बाद की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सरकार का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और इसके जरिए सच्चाई सामने लाई जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
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एसआईटी ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस कथित चोरी में अन्य लोगों की संलिप्तता तो नहीं है।
राम मंदिर से जुड़े होने के कारण यह मामला काफी संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने अधिकारियों को जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने और जल्द से जल्द आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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