अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति पर फैसला कर सकता है। इसके लिए मणि राम दास छावनी में दोपहर दो बजे महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज से जुड़े कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है।
सीईओ की नियुक्ति के अलावा कुछ अन्य पदाधिकारियों के नामों की घोषणा भी हो सकती है। सीईओ के चयन के लिए गठित खोज समिति ने तीन नामों को अंतिम रूप देकर उन्हें सीलबंद लिफाफे में ट्रस्ट को सौंप दिया है। हालांकि, इन तीन नामों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
सीईओ पद की दौड़ में पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, परेश सक्सेना और पूर्व आईएएस अधिकारी दिनेश चंद्र के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने साक्षात्कार में हिस्सा नहीं लिया था।
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सीईओ के चयन के लिए खोज समिति का गठन छह जुलाई को किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे शामिल हैं।
इस पद के लिए कुल 5,585 लोगों ने आवेदन किया था, जबकि 3,570 उम्मीदवारों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर फॉर्म जमा किया। चयन प्रक्रिया में 600 अंकों का गूगल फॉर्म भी शामिल था, जिसमें उम्मीदवारों से पेशेवर, सामाजिक और धार्मिक पहलुओं से जुड़े सवाल पूछे गए।
उम्मीदवारों से खान-पान, शराब सेवन, जनेऊ धारण करने, पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज और पहनावे का पालन करने की इच्छा, भगवान राम में आस्था तथा धार्मिक या सामाजिक संस्थाओं से जुड़े अनुभव के बारे में जानकारी मांगी गई।
आवेदकों में से 108 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद 17 उम्मीदवार व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाए गए, जिनमें 16 शामिल हुए। अब समिति द्वारा चुने गए तीन नामों पर ट्रस्ट अंतिम फैसला कर सकता है।
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