उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार (22-07-2026) को आयोजित हो रही है। राम मंदिर में कथित दान चोरी मामले के सामने आने के बाद यह ट्रस्ट की दूसरी अहम बैठक है। बैठक में नए महासचिव की नियुक्ति और खाली हुए ट्रस्टी पदों को भरने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
पूर्व महासचिव चंपत राय ने दान और चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ट्रस्ट में महासचिव का पद खाली हो गया था। पिछली बैठक में कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया था।
ट्रस्ट की बैठक मणिरामदास छावनी स्थित कार्यालय में दो चरणों में होगी। पहली बैठक दोपहर 3 बजे और दूसरी बैठक शाम 4 बजे शुरू होगी। पहली बैठक के निर्णयों को दूसरी बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों के सामने रखा जाएगा।
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बैठक के एजेंडे में ट्रस्ट के नियमों के अनुसार विभिन्न समितियों के पुनर्गठन, खाली पदों पर नियुक्ति, मंदिर प्रबंधन व्यवस्था और प्रशासन में अधिक पारदर्शिता लाने के उपाय शामिल हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहले 11 स्थायी सदस्य थे, लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बाद तीन पद खाली हो गए हैं। इनमें अयोध्या राजघराने के सदस्य राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन और चंपत राय तथा ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद रिक्तियां हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, दिवंगत राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के पुत्र यतेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का नया सदस्य बनाए जाने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।
बैठक में मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, पूजा प्रबंधन, चढ़ावे की गिनती, दर्शन पास व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, अयोध्या दान चोरी मामले की एसआईटी जांच रिपोर्ट पर चर्चा की संभावना कम है, क्योंकि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
इसके अलावा राम मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी चर्चा होगी। सीईओ पद के लिए 5,000 से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी है। चयन समिति उम्मीदवारों की जांच कर रही है और अंतिम चयन के लिए तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे जाएंगे।
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