इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐतिहासिक घोषणा की कि उनकी कंपनियां जियो और रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) में निवेश करेंगी। उन्होंने कहा कि यह निवेश एआई क्षमताओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देगा और भारत में इस क्षेत्र में लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अंबानी ने जोर देकर कहा कि एआई का लाभ केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। एआई को सुलभ और किफायती बनाना आवश्यक है ताकि यह व्यापक रूप से अपनाया जा सके और समावेशी विकास को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा हिस्सा अभी आने वाला है और यह “सुपर अबंडेंस” की नई युग की शुरुआत कर सकता है।
गिगावॉट-स्तरीय डेटा सेंटर और जियो इंटेलिजेंस
मुकेश अंबानी ने एआई को आधुनिक “अक्षय पात्र” बताते हुए कहा कि जियो अब देश को “इंटेलिजेंस एरा” से जोड़ेगा। जियो इंटेलिजेंस जामनगर में गिगावॉट-स्तरीय एआई-रेडी डेटा सेंटर बना रहा है, जो कच्छ और आंध्र प्रदेश के सौर ऊर्जा संयंत्रों से 10 GW हरित ऊर्जा से संचालित होंगे।
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उन्होंने एआई के रोज़मर्रा जीवन में अनुप्रयोगों को भी साझा किया:
- JioShikshak: 22 भाषाओं में उपलब्ध एआई शिक्षक सहायक।
- Jio ArogyaAI: पांच मिनट में स्थानीय भाषा में चिकित्सा मार्गदर्शन।
- JioKrishi: 1.4 करोड़ किसानों को सैटेलाइट इमेजरी आधारित सलाह।
- JioBharatIQ: सरकारी सेवाओं तक आवाज़-आधारित पहुँच।
- JioFrames: एआई ग्लास डिवाइस, बातचीत जितना सहज।
अंबानी ने स्पष्ट किया कि एआई नौकरियां नहीं लेगा, बल्कि नई उच्च-स्तरीय कौशल वाली नौकरियां उत्पन्न करेगा। उन्होंने वैश्विक सहयोग पर जोर दिया और कहा कि भारत ग्लोबल साउथ और ग्लोबल नॉर्थ के बीच एक महत्वपूर्ण पुल है, जो “One Earth, One Family, One Future” के लिए बेहतर भविष्य बना सकता है।
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