हैदराबाद पुलिस ने कथित फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने के संबंध में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आर.एस. प्रवीन कुमार को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने उनसे अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत पेश करने को कहा है।
यह नोटिस 23 जनवरी को जारी किया गया, जिसमें हैदराबाद के पुलिस आयुक्त और SIT प्रमुख वी.सी. सज्जनार ने स्पष्ट किया कि आर.एस. प्रवीन कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। प्रवीन कुमार ने दावा किया था कि SIT प्रमुख सात आपराधिक मामलों में कथित रूप से शामिल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने इन आरोपों की जांच के लिए एक अलग और नई SIT गठित किए जाने की मांग भी की थी।
नोटिस में कहा गया है कि इस तरह के सार्वजनिक आरोप न केवल जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था और संस्थागत विश्वसनीयता पर भी असर डालते हैं। पुलिस ने प्रवीन कुमार से अपेक्षा की है कि यदि उनके पास अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो वे उन्हें विधिवत प्रस्तुत करें, ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
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हैदराबाद पुलिस के अनुसार, फोन टैपिंग से जुड़े इस मामले की जांच पहले से ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। ऐसे में जांच एजेंसी के प्रमुख पर लगाए गए आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पुलिस का कहना है कि कानून के तहत किसी भी आरोप की पुष्टि सबूतों के आधार पर ही की जा सकती है।
आर.एस. प्रवीन कुमार एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी रहे हैं और सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। इसी कारण उनके बयान को लेकर यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे अपने आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं और इस नोटिस के जवाब में उनकी अगली कानूनी या सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्या होती है।
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