शांति वार्ता से ठीक एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे कूटनीतिक प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को कहा कि यह हमला ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने की रूसी प्रतिबद्धता का खुला उल्लंघन है, जबकि युद्ध समाप्त करने को लेकर आगे की बातचीत की तैयारी चल रही थी।
रूस के इस हमले में सैकड़ों ड्रोन और रिकॉर्ड 32 बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कम से कम 10 लोग घायल हुए। ज़ेलेंस्की के अनुसार, हमले का मुख्य निशाना बिजली ग्रिड था, जिससे यूक्रेनी नागरिकों को कड़ाके की ठंड में अंधेरे, हीटिंग और पानी से वंचित करने की कोशिश की गई। कीव में रात का तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।
नाटो महासचिव मार्क रूटे ने कीव का दौरा कर यूक्रेन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि शांति वार्ता की पूर्व संध्या पर हुए ये हमले मॉस्को की नीयत पर संदेह पैदा करते हैं और इसे “बेहद खराब संकेत” बताया। उनके अनुसार, इन हमलों से यूक्रेनियों का संकल्प और मजबूत हुआ है।
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हालांकि हालिया बातचीत को “रचनात्मक” बताया गया था, लेकिन युद्ध समाप्ति को लेकर कोई ठोस समाधान अभी दूर नजर आता है। अबू धाबी में 4 और 5 फरवरी को होने वाली वार्ता में ज़मीन के नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेगा।
यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर लोगों की सहनशक्ति तोड़ना चाहता है। हमलों में कीव और खारकीव, ओडेसा जैसे इलाकों में रिहायशी इमारतें, किंडरगार्टन और गैस स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए। कीव में 1,100 से अधिक अपार्टमेंट्स में हीटिंग ठप हो गई।
नाटो ने दोहराया कि वह यूक्रेन को लगातार सैन्य और रक्षा सहायता देता रहेगा, क्योंकि यूरोपीय देश इसे अपनी सुरक्षा से भी जोड़कर देख रहे हैं।
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