पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी संकट और गहराता नजर आ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, जादवपुर लोकसभा सांसद सायोनी घोष और कोलकाता दक्षिण की सांसद माला रॉय बागी नेता काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो सकती हैं। इस घटनाक्रम को ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सायोनी घोष ने काकोली घोष दस्तीदार से संपर्क कर बागी गुट को समर्थन देने की इच्छा जताई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस गुट के समर्थन से जुड़े दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर किए हैं। सायोनी की नाराजगी का मुख्य कारण चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी नेतृत्व से पर्याप्त समर्थन न मिलना बताया जा रहा है। उनका आरोप है कि मुश्किल समय में पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया और उन्हें अपना चुनाव प्रचार भी समय से पहले समाप्त करने के लिए कहा गया।
वहीं, कोलकाता दक्षिण से सांसद माला रॉय के भी बागी खेमे में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। माला रॉय टीएमसी की वरिष्ठ नेताओं में गिनी जाती हैं और कोलकाता की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनका संभावित कदम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी पहले ही कई राजनीतिक झटकों का सामना कर रही है।
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इस बीच, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी टीएमसी और राज्यसभा से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि बागी सांसदों की संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच सकती है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है, जिससे पार्टी नेतृत्व पर दबाव और बढ़ गया है।
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