यूक्रेन के बर्खास्त पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने देश में चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी युद्ध के बावजूद यूक्रेन को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह बहाल करने के लिए कोई कानूनी और सुरक्षित व्यवस्था तलाशनी चाहिए।
फेदोरोव ने कहा कि देश को ऐसा “कानूनी, सुरक्षित और वास्तविक तंत्र” विकसित करने की जरूरत है, जिसके जरिए लंबे समय तक युद्ध जारी रहने की स्थिति में भी यूक्रेन अपनी पूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल कर सके।
दरअसल, फरवरी 2022 में रूस के सैनिकों के यूक्रेन की सीमा में प्रवेश करने के बाद देश में मार्शल लॉ यानी सैन्य शासन लागू कर दिया गया था। यूक्रेन के मौजूदा कानूनों के तहत मार्शल लॉ लागू रहने के दौरान चुनाव कराना प्रतिबंधित है।
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रूस के साथ युद्ध जारी रहने के कारण यूक्रेन में चुनाव कराने का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। युद्ध के दौरान बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और देश के कई हिस्से सैन्य गतिविधियों से प्रभावित हैं। ऐसे में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सुरक्षा तथा कानूनी व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं।
फेदोरोव का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को लंबे समय तक स्थगित नहीं रखा जा सकता और युद्ध की परिस्थितियों के बीच भी ऐसा रास्ता तलाशना जरूरी है, जिससे संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
हालांकि, चुनाव कराने के लिए मार्शल लॉ से जुड़े कानूनी प्रावधानों में बदलाव या विशेष व्यवस्था की आवश्यकता हो सकती है। इसके साथ ही मतदान केंद्रों की सुरक्षा, विस्थापित नागरिकों की भागीदारी और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में मतदान जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण होंगे।
यूक्रेन सरकार के सामने फिलहाल युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने की चुनौती है। फेदोरोव की अपील ने इस संवेदनशील मुद्दे पर एक बार फिर बहस तेज कर दी है।
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