भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया है। साक्षी ने बुधवार को महिला 51 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ साक्षी ने कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है।
26 वर्षीय साक्षी ने मुकाबले की शुरुआत से ही शानदार नियंत्रण बनाए रखा। तीन राउंड के इस मुकाबले में सभी पांचों जजों ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला दिया। साक्षी ने अपनी तेज गति, सटीक पंच और बेहतर रणनीति के दम पर कैटलिन फ्रायर्स को कोई मौका नहीं दिया।
इस जीत के साथ साक्षी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक पक्का करने वाली पांचवीं भारतीय मुक्केबाज बन गई हैं। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और जादुमणि सिंह (पुरुष 55 किग्रा) अपने-अपने वर्ग में पदक सुनिश्चित कर चुके हैं।
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साक्षी के लिए यह उपलब्धि बेहद खास है, क्योंकि वह लंबे समय तक चोटों से जूझती रही थीं। चोटों के कारण उन्हें पिछले कई बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिल पाया था। हालांकि, उन्होंने वापसी करते हुए भारतीय टीम में जगह बनाई और अब अपने प्रदर्शन से पदक पक्का कर लिया है।
भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजी दल का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। कई भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में सेमीफाइनल तक पहुंच चुके हैं, जिससे भारत की पदक उम्मीदें बढ़ गई हैं।
अब साक्षी की नजर सेमीफाइनल मुकाबले पर होगी, जहां जीत हासिल करने पर वह स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंच जाएंगी और कम से कम रजत पदक पक्का कर लेंगी।
भारतीय मुक्केबाजी टीम के लिए प्रतियोगिता का अंतिम चरण बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले मुकाबलों में अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच, अंकुश यादव और नरेंद्र बरवाल भी अपने-अपने भार वर्गों में पदक की दावेदारी मजबूत करने उतरेंगे।
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