भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत शानदार बढ़त के साथ हुई। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार खरीदारी और देश में मानसून की अनुकूल प्रगति से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसका असर बैंकिंग, एफएमसीजी, धातु और सीमेंट कंपनियों के शेयरों में व्यापक खरीदारी के रूप में देखने को मिला।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,895.10 के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 192.85 अंक यानी 0.79 प्रतिशत बढ़कर 24,576.45 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी केमिकल्स, निफ्टी सीमेंट, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांकों में लगभग 1 प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर मीडिया, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांक 1.6 प्रतिशत तक फिसल गए।
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व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी माइक्रोकैप 500 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत तक मजबूत हुए, जिससे छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी 24,500 के स्तर से ऊपर मजबूती के साथ निकलने की स्थिति में है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, बेहतर मानसून, मजबूत आर्थिक वृद्धि और विदेशी निवेशकों की वापसी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। विश्लेषकों के अनुसार 18 प्रतिशत से अधिक की ऋण वृद्धि, ऑटोमोबाइल बिक्री में मजबूती और पहली तिमाही के अपेक्षा से बेहतर नतीजे वित्त वर्ष 2026-27 की आय वृद्धि के अनुमान को और मजबूत कर सकते हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि एफसीएनआर(बी), ईसीबी और ओएफसीबी के माध्यम से मजबूत पूंजी प्रवाह ने रुपये को स्थिरता प्रदान की है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। डेरिवेटिव बाजार के अनुसार 24,400 के स्तर पर मजबूत पुट ओपन इंटरेस्ट निफ्टी को समर्थन दे रहा है, जबकि 24,600 के आसपास भारी कॉल राइटिंग निकट अवधि में तेजी को सीमित कर सकती है। 24,350 के ऊपर टिके रहने पर बाजार में हल्का सकारात्मक रुख बना रह सकता है, जबकि इसके नीचे फिसलने पर निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ सकती है।
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