सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने भारतीय मूल के नेता और वर्कर्स पार्टी (WP) के प्रमुख प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष (लीडर ऑफ द ऑपोज़िशन) के पद से हटा दिया है। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल से इस पद के लिए किसी अन्य सांसद का नाम प्रस्तावित करने को कहा है। यह निर्णय प्रीतम सिंह के खिलाफ पिछले वर्ष फरवरी में हुई आपराधिक सजा के बाद लिया गया है।
गुरुवार (15 जनवरी 2026) को जारी एक बयान में प्रधानमंत्री वोंग ने कहा कि प्रीतम सिंह की आपराधिक दोषसिद्धि और संसद द्वारा उनकी उपयुक्तता पर व्यक्त विचारों को देखते हुए उनके लिए नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहना अब संभव नहीं है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम कानून के शासन, संसद की गरिमा और उसकी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
इस निर्णय के साथ ही प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष से जुड़े विशेषाधिकार नहीं मिलेंगे। इनमें संसद में बहस के दौरान पहले जवाब देने का अधिकार, भाषण के लिए अधिक समय और एक सामान्य सांसद की तुलना में दोगुना भत्ता शामिल है।
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यह कार्रवाई एक दिन पहले, 14 जनवरी को संसद में पारित उस प्रस्ताव के बाद हुई, जिसमें कहा गया था कि 2021 में पूर्व वर्कर्स पार्टी सांसद रईसाह खान द्वारा संसद में झूठ बोलने के मामले में प्रीतम सिंह का आचरण और अदालत की सजा, नेता प्रतिपक्ष से अपेक्षित मानकों पर खरा नहीं उतरता।
प्रधानमंत्री वोंग ने कहा कि वह जल्द ही विपक्ष से नए नामांकन की उम्मीद करते हैं, ताकि संसदीय लोकतंत्र का यह महत्वपूर्ण पद लंबे समय तक खाली न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि प्रीतम सिंह अदालत के फैसले से असहमत हैं और खुद को निर्दोष मानते हैं, लेकिन दोष या निर्दोषता का निर्णय निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होता है।
49 वर्षीय प्रीतम सिंह को संसदीय समिति के समक्ष झूठ बोलने के दो मामलों में दोषी ठहराया गया था और उन पर 14,000 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। उनकी अपील भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
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