चीन के साथ बढ़ते तनाव और निकट भविष्य में क्वाड शिखर सम्मेलन की कम संभावनाओं के बीच, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण रणनीतिक वार्ता करने जा रहे हैं। इस बैठक में दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
दोनों मंत्री 18वें जापान-भारत रणनीतिक संवाद के तहत मुलाकात करेंगे। वार्ता का प्रमुख एजेंडा जापान की पहल “फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक” (FOIP) को आगे बढ़ाना होगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में स्वतंत्र नौवहन, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और समावेशी विकास को सुनिश्चित करना है। भारत और जापान दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने को अपनी साझा प्राथमिकता मानते हैं।
रणनीतिक संवाद के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर तकनीक, डिजिटल नवाचार और उन्नत प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में चीन पर निर्भरता कम करने और तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने के संदर्भ में यह सहयोग दोनों देशों के लिए अहम माना जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। हाल के वर्षों में भारत-जापान संबंधों में उल्लेखनीय मजबूती आई है, और यह रणनीतिक संवाद द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने में सहायक माना जा रहा है।
क्वाड मंच की सक्रियता फिलहाल सीमित होने के बावजूद, भारत और जापान के बीच यह उच्चस्तरीय वार्ता संकेत देती है कि दोनों देश क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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