महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर लोकसभा में अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने संसद में अलग बैठने की व्यवस्था किए जाने का भी अनुरोध किया है।
सूत्रों के अनुसार, ये सांसद 22 जून को दिल्ली पहुंच सकते हैं, जहां वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि उसी दिन उन्हें औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल किया जा सकता है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में करीब चार साल पहले एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना में हुए विभाजन की गूंज अब भी जारी है। बताया जा रहा है कि बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनौपचारिक मुलाकात भी की और दावा किया कि लोकसभा में पार्टी के नौ सांसदों में से छह उनके साथ हैं।
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सूत्रों का कहना है कि बागी सांसद जल्द ही ओम बिरला से औपचारिक मुलाकात कर अलग संसदीय समूह की मान्यता और शिंदे गुट में विलय की मांग कर सकते हैं। इस संबंध में निर्णय जल्द सामने आ सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि छह सांसदों का शिंदे गुट में विलय होता है तो यह उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है और महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
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