राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने मेघालय की राजधानी शिलांग स्थित ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसकी पुष्टि पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक स्येम ने की।
मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम रघुवंशी पर आरोप है कि उसने वर्ष 2025 में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर सुपारी किलरों की मदद से इस वारदात को अंजाम दिलाया। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या के पीछे आर्थिक लाभ हासिल करने की मंशा थी।
राजा और सोनम 23 मई 2025 को सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में घूमने गए थे, जहां दोनों लापता हो गए। बाद में 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद किया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने जून 2025 में सोनम को गिरफ्तार किया था।
और पढ़ें: गगनयान मिशन ने हासिल की बड़ी सफलता, इसरो की प्रमुख प्रणालियां और आधारभूत ढांचा लगभग तैयार
इससे पहले मेघालय हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा 27 अप्रैल को दी गई जमानत को बरकरार रखा था और राज्य सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने मेघालय सरकार की अपील स्वीकार करते हुए जमानत रद्द कर दी और सोनम को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस चरण पर आरोपी के जमानत पर रहने से मुकदमे की निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो सोनम रघुवंशी नई जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होगी।
और पढ़ें: लिटन दास बने बांग्लादेश के वनडे टीम के नए कप्तान, तमीम इकबाल ने बताया बदलाव की बड़ी वजह