स्पेन की फुटबॉल टीम 2010 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच जीतने की कोशिश में मैदान पर उतरेगी। उस वर्ष उन्होंने नीदरलैंड्स को 1-0 से हराकर अपना पहला विश्व खिताब जीता था। अब कोच लुईस डे ला फुएंते की टीम ऑस्ट्रिया के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में उतरेगी, जो लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेला जाएगा।
स्पेन का ऑस्ट्रिया के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत रहा है। पिछले पांच मुकाबलों में स्पेन ने ऑस्ट्रिया को हराया है और पिछली दो भिड़ंत में चार-चार गोल से बड़ी जीत दर्ज की है। ऑस्ट्रिया ने आखिरी बार 1990 के फ्रेंडली मैच में स्पेन को 3-2 से हराया था।
स्पेन के लिए राहत की बात यह है कि स्टार खिलाड़ी लामिन यामाल पूरी तरह फिट होकर उपलब्ध हैं। उन्होंने ग्रुप स्टेज में केवल 141 मिनट ही खेले थे। इसके अलावा येरिमी पिनो और विक्टर मुनोज भी चोट से उबरकर नॉकआउट मैच के लिए तैयार हैं। कोच ने बताया कि पिनो ने कंधे की चोट से चमत्कारिक रिकवरी की है, जबकि मुनोज मांसपेशियों की चोट के बाद टीम में लौटे हैं।
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दूसरी ओर, पुर्तगाल के सामने भी कठिन राह है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो के संभावित आखिरी वर्ल्ड कप में टीम को पहले राउंड ऑफ 32 में 2018 फाइनलिस्ट क्रोएशिया का सामना करना होगा। यदि पुर्तगाल यह मैच जीतता है तो आगे स्पेन, बेल्जियम और फ्रांस जैसी मजबूत टीमों से टकराव संभव है।
पुर्तगाल का ग्रुप स्टेज प्रदर्शन मिला-जुला रहा है—डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से 1-1 ड्रॉ, उज्बेकिस्तान पर 5-0 की जीत और कोलंबिया से 0-0 का ड्रा।
अब देखना होगा कि क्या स्पेन अपनी पुरानी चमक वापस पा पाता है और क्या पुर्तगाल अपने स्टार कप्तान के “आखिरी डांस” को यादगार बना पाता है।
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