प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत के युवा और उद्यमी आज वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और स्टार्टअप इंडिया मिशन अब एक आंदोलन नहीं, बल्कि एक क्रांति बन चुका है। शुक्रवार (16 जनवरी, 2026) को ‘स्टार्टअप इंडिया’ कार्यक्रम के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जहां देश में केवल चार स्टार्टअप थे, वहीं आज यह संख्या तेजी से बढ़कर दो लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और यहां 125 से अधिक सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियां मौजूद हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। कई यूनिकॉर्न कंपनियां अब आईपीओ ला रही हैं और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का भारतीय युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी अब अपने स्वयं के उद्यम शुरू कर रहे हैं, जो देश की आर्थिक मजबूती का संकेत है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 45 प्रतिशत स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।
जोखिम उठाने की प्रवृत्ति पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले जिसे हतोत्साहित किया जाता था, वही आज मुख्यधारा बन चुका है। उन्होंने स्टार्टअप संस्थापकों के आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा की सराहना करते हुए कहा कि जो विचार कभी हाशिए पर माने जाते थे, वे अब फैशन बन गए हैं। देश का युवा अब कंफर्ट ज़ोन में काम नहीं करना चाहता, बल्कि नए प्रयोग और नवाचार के लिए तैयार है।
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