तमिलनाडु के वेल्लोर शहर में चेन्नई–बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाए जा रहे सबवे परियोजना के दूसरे और अंतिम चरण का काम गुरुवार को शुरू कर दिया गया। इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा करीब 7.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है।
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार यह सबवे वेल्लोर के प्रमुख चौराहे ग्रीन सर्कल के पास बने एलिवेटेड ब्रिज के नीचे बनाया जा रहा है। इस मार्ग पर यातायात काफी अधिक रहता है, जिसके कारण पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में कई बार जोखिम उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए यह भूमिगत पैदल मार्ग तैयार किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के पहले चरण के तहत अंडरपास का आधा हिस्सा पहले ही पूरा कर लिया गया है। यह हिस्सा हाईवे के सर्विस लेन पर स्थित नए बस टर्मिनस के पास बनाया गया है, जिससे बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।
और पढ़ें: जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को फरीदाबाद और गुरुग्राम से जोड़ने के लिए 3,631 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी
अब दूसरे चरण में शेष हिस्से के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस चरण के पूरा होने के बाद पूरा पैदल सबवे चालू हो जाएगा और लोगों को सुरक्षित रूप से हाईवे पार करने की सुविधा मिलेगी।
एनएचएआई के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है। साथ ही यह व्यवस्था शहर के यातायात प्रबंधन को भी अधिक सुगम बनाएगी। स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इसके पूरा होने से पैदल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
और पढ़ें: दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी