शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद देश में महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अकाली दल सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेता है, जिन्होंने महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने भी अपने सदन में महिलाओं के लिए आरक्षण देकर उदाहरण पेश किया है।
पार्टी ने संसद के समक्ष मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद निष्पक्ष और समान परिसीमन की मांग की, जिससे सभी राज्यों को बराबर प्रतिनिधित्व मिल सके। अकाली दल ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत वृद्धि करने की बात कही गई है। पार्टी ने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन को जल्द लागू किया जाना चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब केंद्र सरकार 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।
और पढ़ें: झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन 15वें दिन भी जारी, सरकार ने दूसरे गुट को बातचीत के लिए बुलाया
अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पार्टी कभी परिसीमन के विरोध में नहीं थी। उनकी चिंता केवल यह थी कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के उपाय सफलतापूर्वक लागू किए हैं, उन्हें नुकसान नहीं होना चाहिए। गृह मंत्री की ओर से सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि का सुझाव दिए जाने के बाद अकाली दल ने इस फार्मूले को उचित माना और परिसीमन तथा महिला आरक्षण पर सहमति जताई।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। बैठक का एजेंडा आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया था। माना जा रहा है कि पंजाब की कानून-व्यवस्था और आम आदमी पार्टी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
वर्तमान में अकाली दल के पास लोकसभा की एक सीट है, जिसका प्रतिनिधित्व पंजाब की बठिंडा सीट से हरसिमरत कौर बादल करती हैं।
और पढ़ें: असम क्रिश्चियन फोरम ने प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध किया