पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कांग्रेस में वापसी की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस में उनकी वापसी के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद हैं।
जाखड़ ने कांग्रेस नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और परगट सिंह की ओर से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि दोनों नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर ऐसे प्रदेश अध्यक्ष की मांग की थी, जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से न डरता हो।
जाखड़ ने पूछा कि राहुल गांधी के सामने रखी गई उनकी मांग का आखिर क्या हुआ? क्या कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी मांग पर कोई फैसला लिया और क्या पंजाब के लिए चुना गया नेतृत्व उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप है?
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कांग्रेस में लौटने की संभावनाओं पर जाखड़ ने कहा कि वह ऐसी जगह वापस नहीं जा सकते, जहां उनके अनुसार कुछ लोग भ्रष्टाचार में गहराई से शामिल हैं। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व पर भी सवाल उठाए और पूछा कि अगर वह पार्टी में लौटते हैं तो वर्तमान में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे नेताओं का क्या होगा।
उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी जिक्र किया। जाखड़ ने कहा कि इस राजनीतिक समीकरण का जवाब कैप्टन अमरिंदर सिंह ही दे सकते हैं।
जाखड़ की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और पार्टी की दिशा को लेकर चर्चा जारी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस में वापसी की अटकलों को खारिज करते हुए जाखड़ ने अब पार्टी नेतृत्व, खासकर प्रताप सिंह बाजवा और परगट सिंह के बयानों पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान से पंजाब में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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