तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सत्तारूढ़ डीएमके सदस्यों ने हाल में हुई हत्याओं और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर तत्काल चर्चा की मांग की। जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि पुलिस का मुख्य दायित्व जनता की रक्षा करना है, न कि खुद को सत्ता का केंद्र बनाना।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि पुलिस को अच्छे लोगों की मित्र और अपराधियों की दुश्मन के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ राजनीतिक दल या संबद्धता देखे बिना कार्रवाई की जाएगी।
बदले और पुरानी दुश्मनी को बताया वजह
पिछले तीन महीनों में सामने आए अपराधों का जिक्र करते हुए विजय ने कहा कि इन्हें एक साथ हुई घटनाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, कई मामलों के पीछे पुरानी दुश्मनी और बदले की भावना प्रमुख कारण रही है।
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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अपराध की घटनाओं का इस्तेमाल सरकार को घेरने के लिए करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपराधों के पीछे कई अलग-अलग कारण होते हैं और सरकार इनकी रोकथाम के लिए काम कर रही है।
नशे के खिलाफ सरकार का अभियान
विजय ने राज्य में बढ़ते नशे के खतरे को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कोयंबटूर के एक कॉलेज छात्र की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के सभी 37 जिलों में मादक पदार्थ विरोधी दस्ते बनाए गए हैं। पिछले तीन महीनों में चेन्नई में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 330 मामले दर्ज हुए और 556 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि युवाओं में नशे की समस्या के पीछे साथियों का दबाव भी एक कारण है।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सरकार ने सिंगप्पेन स्पेशल फोर्स का गठन किया है। विजय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पहले ही रोकना है।
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