तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तूर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस सीट पर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
दोनों दलों के उम्मीदवार मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जोरदार प्रचार अभियान चला रहे हैं। सत्तूर क्षेत्र में रोड शो, जनसभाएं और घर-घर संपर्क अभियान लगातार तेज हो गए हैं।
डीएमके अपने विकास कार्यों और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता के बीच प्रमुख मुद्दा बना रही है, जबकि बीजेपी केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास एजेंडे के आधार पर वोट मांग रही है।
और पढ़ें: कोलाथुर विधानसभा: क्या एमके स्टालिन तामिलनाडु चुनाव में तीन-तरफा मुकाबले में अपनी मजबूत स्थिति बचा पाएंगे?
स्थानीय स्तर पर दोनों दलों के कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सत्तूर सीट पर मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का होने वाला है, क्योंकि दोनों ही पार्टियां इस क्षेत्र को अपने लिए प्रतिष्ठा की सीट मान रही हैं।
मतदाताओं को साधने के लिए प्रत्याशी विभिन्न समुदायों और वर्गों के बीच लगातार संवाद कर रहे हैं। युवाओं, किसानों और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय मुद्दे जैसे रोजगार, सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाएं भी प्रमुख रूप से उठाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग की ओर से भी इस क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है।
और पढ़ें: तमिलनाडु चुनाव 2026: एनडीए और डीएमके+ में कांटे की टक्कर, सर्वे में एनडीए को मामूली बढ़त