पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गोरग नदी से तीन अफगान नागरिकों के शव बरामद होने से हड़कंप मच गया है। पुलिस को एक अन्य अफगान नागरिक घायल अवस्था में मिला, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों शव कम से कम तीन दिन पुराने हैं। अधिकारियों ने मौत की वजह और इन लोगों के नदी तक पहुंचने की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
तुर्बत जिले के पुलिस अधिकारी अजीज बलोच ने मंगलवार को बताया कि मृतकों की पहचान सलीम खान, शेर आगा खान और नजीबुद्दीन के रूप में हुई है। सोमवार को गोरग नदी से शव बरामद किए गए थे। मृतकों के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान अफगानिस्तान के नागरिकों के रूप में की गई।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी अजीज बलोच के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों की मौत किस परिस्थिति में हुई। पुलिस कई संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घायल मिले चौथे अफगान नागरिक से पूछताछ को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि उसके बयान से घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
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यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बलूचिस्तान में अवैध रूप से रह रहे अफगान नागरिकों को वापस भेजने की कार्रवाई तेज है। पाकिस्तान से अफगान नागरिकों की वापसी के लिए चमन, बादिनी और चागई जिले के बहारमचा सीमा मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल से हजारों अफगान नागरिकों को बलूचिस्तान से अफगानिस्तान वापस भेजा जा चुका है।
इस बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सदस्य उसके खिलाफ हमलों के लिए करते हैं। तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। ऐसे माहौल में नदी से शव मिलने की घटना ने सुरक्षा और सीमा पार आवाजाही को लेकर सवाल बढ़ा दिए हैं।
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