दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने की अपनी इच्छा जाहिर की है। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उत्तर क्षेत्र के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद तिलक ने कहा कि लाल गेंद का क्रिकेट हमेशा से उनकी ताकत रहा है।
23 वर्षीय तिलक ने दक्षिण क्षेत्र की सात विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में नाबाद शतक लगाया, जबकि दूसरी पारी में भी 51 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण क्षेत्र ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई, जहां उसका सामना पूर्वी क्षेत्र से होगा।
हैदराबाद में जन्मे तिलक फिलहाल भारत की टी20 टीम के उपकप्तान हैं। हालांकि, उनका लक्ष्य टेस्ट टीम में जगह बनाना है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत के लिए सफेद गेंद का क्रिकेट खेलने का मौका मिला, लेकिन वह बचपन से ही लाल गेंद के क्रिकेट में ज्यादा सहज रहे हैं।
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तिलक ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने हमेशा लाल गेंद वाले क्रिकेट को पसंद किया है। उन्होंने बताया कि 2022 के बाद आईपीएल और अन्य कारणों से उन्होंने काफी सफेद गेंद का क्रिकेट खेला, लेकिन उससे पहले उन्होंने लंबे समय तक लाल गेंद वाले क्रिकेट में मेहनत की थी। उनके मुताबिक, यह खेल उनकी ताकत है और उनके अंदर बसा हुआ है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल खेलना चाहते हैं तिलक
तिलक को अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम में चुना गया है। दलीप ट्रॉफी का फाइनल 10 सितंबर को समाप्त होगा।
तिलक ने कहा कि वह फाइनल खेलना चाहते हैं और इसके लिए उपलब्ध भी हैं। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान सीरीज शुरू होने से पहले उन्हें दो दिन का अंतर मिलेगा, इसलिए 11 सितंबर को टीम से जुड़कर एक दिन अभ्यास करना भी संभव होगा।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइनल में खेलने का अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को करना है। तिलक ने कहा कि इस बारे में उनसे बातचीत की जाएगी और फिलहाल उन्हें अंतिम निर्णय की जानकारी नहीं है।
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