पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी गहरी अंदरूनी खींचतान के बीच ‘फर्जी हस्ताक्षर’ मामले की जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। इस मामले की जांच कर रही आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की टीम पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास-सह-केंद्रीय कार्यालय पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी अधिकारी दोपहर के समय 30बी हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कालीघाट थाना पुलिस और महिला पुलिसकर्मियों की बड़ी टीम भी मौजूद थी। यह जांच उन आरोपों से जुड़ी है जिसमें कई टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर कथित तौर पर फर्जी तरीके से विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए एक प्रस्ताव में इस्तेमाल किए गए थे।
सीआईडी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा दिए गए जवाब के आधार पर की गई है। अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि विधायकों के हस्ताक्षर इसी कार्यालय में एकत्र किए गए थे, जिसके बाद जांच एजेंसी ने यहां पहुंचकर जांच शुरू की।
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हालांकि, मौके पर पहुंची सीआईडी टीम को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। टीएमसी नेता सुबाशिस चक्रवर्ती ने कहा कि जब तक अभिषेक बनर्जी उपस्थित नहीं होते, तब तक प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर भेजे गए एक प्रस्ताव में कई विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर होने के आरोप सामने आए। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर सीआईडी जांच शुरू हुई।
मामला तब और गंभीर हो गया जब टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाकर बागी गुट का समर्थन किया। इस बगावत ने विधानसभा में नई राजनीतिक समीकरण पैदा कर दिए और टीएमसी में पहली बार औपचारिक विभाजन की स्थिति बन गई।
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