भारतीय सेना की स्पीयर कोर ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से अगरतला एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 जुलाई से अगरतला मिलिट्री स्टेशन में शुरू हुआ।
यह प्रशिक्षण मिलिट्री-सिविल फ्यूजन (Military-Civil Fusion) के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, परिचालन क्षमता बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रणनीतिक तैयारी को मजबूत करना है।
भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण में सीआईएसएफ कर्मियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सुरक्षा प्रबंधन, सामरिक तैयारी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, खतरे की पहचान और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई जैसे पहलू शामिल हैं।
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अगरतला एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान की सुरक्षा में सीआईएसएफ की अहम भूमिका होती है। ऐसे में सेना और नागरिक सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
स्पीयर कोर भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण इकाई है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक जिम्मेदारियां संभालती है। इस प्रशिक्षण पहल के माध्यम से सेना अपने अनुभव और विशेषज्ञता को सीआईएसएफ के साथ साझा कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने में सहायक होंगे। बदलते सुरक्षा माहौल में विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग और समन्वय बेहद जरूरी हो गया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित अभ्यास भी कराया जाएगा, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।
भारतीय सेना और सीआईएसएफ के बीच यह पहल देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समझ और कार्यक्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
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