अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रस्तावित समझौते को अस्वीकार किया गया तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरानी बलों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में गोलीबारी की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है।
ट्रंप ने कहा कि यह घटना मौजूदा समझौते का “स्पष्ट उल्लंघन” है और इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम से जुड़े जहाज भी निशाने पर थे, हालांकि इन देशों की ओर से इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कड़े बयान के बावजूद ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जा रहा है, जहां बातचीत का दूसरा दौर होगा। इस टीम में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जारेड कुशनर शामिल होंगे।
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ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम एक निष्पक्ष और उचित समझौता पेश कर रहे हैं। यदि इसे ठुकराया गया, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बना सकता है।” इस बयान ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है।
ज्ञात हो कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, जहां किसी भी प्रकार का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय बाजारों को सीधे प्रभावित करता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
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