अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार को व्हाइट हाउस में बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े वार्ता मुद्दों पर चर्चा की गई। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली, हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
ट्रंप ने कहा कि बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने ईरान के साथ बातचीत जारी रखने पर जोर दिया। ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता संभव हुआ तो यह प्राथमिकता होगी, और यदि नहीं हुआ तो आगे की स्थिति पर विचार किया जाएगा।
वहीं नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, उन्होंने इज़राइल की सुरक्षा जरूरतों पर जोर दिया और कहा कि वे बातचीत के सिद्धांतों पर अपनी राय अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। नेतन्याहू ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंता भी जताई।
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पिछले वर्ष ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिनों तक युद्ध हुआ था, जिसमें ईरान में लगभग 1,000 और इज़राइल में करीब 40 लोगों की मौत हुई थी। इस संघर्ष के दौरान अमेरिका ने भी ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। ट्रंप ने इन हमलों को बेहद सफल बताया था और दावा किया था कि इससे ईरान की परमाणु क्षमता को बड़ा नुकसान हुआ।
दूसरी ओर ईरान ने कहा कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर “अत्यधिक मांगों” के आगे नहीं झुकेगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ बातचीत को केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित रखेगा और परमाणु हथियार हासिल करने की मंशा नहीं रखता।
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