पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित संस्मरण पुस्तक को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के अधिकारियों से पूछताछ की है। पुलिस ने एक दिन पहले ही प्रकाशक को नोटिस जारी कर इस बात पर जवाब मांगा था कि अप्रकाशित किताब की सामग्री कैसे सार्वजनिक हुई।
अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान प्रकाशन संस्थान के प्रतिनिधियों ने कुछ सवालों के जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। अब स्पेशल सेल उनके जवाबों का विश्लेषण करेगी और जांच को आगे बढ़ाएगी।
जनरल नरवणे की किताब “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” को लेकर विवाद संसद के बजट सत्र के दौरान शुरू हुआ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक पत्रिका में प्रकाशित कथित अंश का हवाला देते हुए 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद पर सरकार की आलोचना की थी। इस झड़प में एक कर्नल समेत 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।
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सरकार ने कहा कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, इसलिए उसके अंशों का हवाला देना उचित नहीं है। इसके बाद यह मामला तेजी से विवाद का रूप ले गया और दिल्ली पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
विवाद के बीच पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्टीकरण जारी किया। प्रकाशक ने कहा कि जनरल नरवणे की किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और न ही इसकी कोई प्रिंट या डिजिटल कॉपी जारी या बेची गई है। कंपनी ने कहा कि इस पुस्तक के प्रकाशन अधिकार केवल उनके पास हैं।
बाद में जनरल नरवणे ने भी प्रकाशक के बयान को साझा करते हुए कहा कि यही पुस्तक की वर्तमान स्थिति है। इस पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित लीक कैसे हुआ।
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