अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक प्रस्ताव सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को रूस स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार यह प्रस्ताव इस सप्ताह दोनों नेताओं के बीच हुई एक फोन बातचीत के दौरान चर्चा में आया था। बताया जा रहा है कि यह पहल मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष को कम करने के प्रयासों का हिस्सा थी।
रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन का सुझाव था कि ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम को रूस में सुरक्षित रखा जाए, जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो सके। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान का यूरेनियम भंडार पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित रहे।
और पढ़ें: ईरान से 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर दो जहाज भारत पहुंचेंगे, घबराहट में सिलेंडर बुकिंग तेजी से बढ़ी
विशेषज्ञों के अनुसार इस विवाद के केंद्र में ईरान के पास मौजूद लगभग 450 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे करीब 60 प्रतिशत तक समृद्ध किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सामग्री को कुछ ही हफ्तों में हथियार-ग्रेड यूरेनियम में बदला जा सकता है और इससे दस से अधिक परमाणु बम बनाए जाने की आशंका है।
रिपोर्ट के मुताबिक रूस को संभावित भंडारण स्थान इसलिए माना गया क्योंकि वह परमाणु तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था के मामले में सक्षम देशों में से एक है। इससे पहले 2015 के परमाणु समझौते (जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन) के तहत भी रूस ने ईरान के कम-समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित रखा था।
हालांकि मौजूदा स्थिति में अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त निगरानी बनाए रखने के पक्ष में हैं, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
और पढ़ें: TMC ने केवल राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान नहीं किया, बल्कि आदिवासियों और संविधान का भी अपमान किया: मोदी