पिलीभीत की 50 वर्षीय विनिता शुक्ला ने अद्भुत तरीके से जीवन में वापसी की, जब उन्हें डॉक्टरों द्वारा “ब्रेन-डेड” घोषित किया गया था और घर भेजा गया था। घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-74 के हाफिजगंज के पास बरेली-हरिद्वार मार्ग पर हुई।
परिवार के अनुसार, विनिता 22 फरवरी को घर में सामान्य घरेलू काम कर रही थीं, तभी अचानक बेहोश हो गईं। उनके पति कुलदीप शुक्ला ने बताया कि वह उस दिन उच्च रक्तचाप की शिकायत कर रही थीं और दवा लेने के बाद अचानक बेहोश हो गईं। पहले उन्हें पिलीभीत के ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण उन्हें बरेली के निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहाँ उन्हें तीन दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनकी बचने की संभावना बेहद कम है।
24 फरवरी को जब कुलदीप अपनी बेहोश पत्नी को घर ले जा रहे थे, तो हाफिजगंज के पास एम्बुलेंस अचानक एक गहरे गड्ढे में उतर गई। वाहन में झटका लगा और तुरंत बाद विनिता ने सामान्य श्वास लेना शुरू किया। कुलदीप ने उन्हें तुरंत न्यूरोसिटी हॉस्पिटल, पिलीभीत ले जाकर आपात उपचार कराया।
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परिवार ने बताया कि विनिता लगभग 12 दिन तक अस्पताल में इंटेंसिव केयर में रहीं और सोमवार को उन्हें लगातार सुधार दिखने के बाद छुट्टी दी गई। कुलदीप ने कहा, “वह अब होश में हैं और हमसे बात कर सकती हैं।”
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