पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए नया शांति प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया है, जो इस पूरे संवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ईरान के अनुसार, तेहरान ने अपना ताजा प्रस्ताव इस्लामाबाद को सौंपा है, जिसमें मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री मार्गों को फिर से खोलने पर जोर दिया गया है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को बाद के चरणों के लिए टाल दिया गया है, जिसे लेकर अमेरिका ने चिंता जताई है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि बिना यूरेनियम संवर्धन और परमाणु भंडार पर नियंत्रण के, केवल समुद्री मार्ग खोलना उनकी कूटनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकता है।
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इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने अपने सलाहकारों के साथ बैठक में कहा कि हालिया प्रस्ताव उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता।
इससे पहले इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता भी विफल हो गई थी, जब ईरान का प्रतिनिधिमंडल अचानक बैठक छोड़कर चला गया था। बताया जाता है कि ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के सामने अपनी मांगों की सूची रखी थी, जिसके बाद यह गतिरोध पैदा हुआ।
वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ने अपने प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित यात्रा भी रद्द कर दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध जारी रहने से वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
लगातार असफल हो रही बातचीत के चलते क्षेत्र में स्थायी शांति की संभावना फिलहाल अनिश्चित नजर आ रही है।
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