उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश असीमित संभावनाओं वाली भूमि है और लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने राज्य को भारत की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताते हुए जापान से बड़े पैमाने पर निवेश का आह्वान किया।
यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों और प्राचीन सभ्यतागत विरासत का भी गहरा संबंध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान को ‘उगते सूरज की भूमि’ कहा जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश ‘सूर्यवंश की भूमि’ है। उन्होंने जापानी कंपनियों से उत्तर प्रदेश को अपना दूसरा औद्योगिक घर बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत और जापान मिलकर उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक और मजबूत साझेदारी विकसित कर सकते हैं।
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योगी ने उत्तर प्रदेश को भारत की ‘अन्न टोकरी’ बताते हुए कहा कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में राज्य की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत है। उन्होंने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश का बजट, सकल राज्य घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हो चुकी है। महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी भी तीन गुना से अधिक बढ़ी है। राज्य अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बहुआयामी लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक गलियारे, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग तथा डेटा सेंटर का बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य में 17 हवाई अड्डे, मेट्रो नेटवर्क, रैपिड रेल, अंतर्देशीय जलमार्ग, दो समर्पित माल ढुलाई गलियारे और लॉजिस्टिक्स हब मौजूद हैं।
योगी ने उत्तर प्रदेश को भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और बुद्ध की भूमि बताते हुए इसे ‘असीमित संभावनाओं की भूमि’ करार दिया।
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